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दादी माँ ने बताया "पेट दर्द" का आयुर्वेदिक इलाज

पेट दर्द पेट दर्द" का आयुर्वेदिक इलाज गलत खान पान अथवा अपच के कारण होने वाले पेट दर्द के लिए आयुर्वेद में कुछ नुस्खे बताए गये हैं ! जिनका अगर प्रयोग किया जाए तो पेट दर्द कि परेशानी से बचा जा सकता है ! हालांकि इस तरह के पेट दर्द के लिए आज भी हमारे घरों में आयुर्वेदिक नुस्खे काम में लाये जाते हैं और उनसे आराम भी मिलता है ! ऐसे ही कुछ नुस्खे : - 1 . अदरक और लहसुन को बराबर कि मात्रा में पीसकर एक चम्मच कि मात्रा में पानी के साथ सेवन करने से पेट दर्द में लाभ मिलता है ! 2 . एक ग्राम काला नमक और दो ग्राम अजवायन गर्म पानी के साथ सेवन करने से पेट दर्द में लाभ मिलता है ! 3 . अमरबेल के बीजों को पानी से पीसकर बनाए गये लेप को पेट पर लगाकर कपडे से बाँधने से गैस कि तकलीफ , डकारें आना , अपानवायु न निकलना , पेट दर्द और मरोड़ जैसे कष्ट दूर हो जाते हैं ! 4 . सौंठ , हींग और कालीमिर्च का चूर्ण बराबर कि मात्रा में मिलाकर एक चम्मच कि मात्रा में गर्म पानी के साथ लेने से पेट दर्द में तुरंत आराम मिलता है ! 5 . जटामांसी , सौंठ , आंवला और काला नमक बराबर कि मात्रा में पीस लें और एक एक चम्मच कि मात्रा में तीन ब...

हरवलेले सूर

🎵 🎷   हरवलेले सूर ➖➖➖➖   "Sun & Sons" कंपनीच्या सीईओ समीरने आपल्या टीम मेंबर्सना थँक्यू म्हणत मीटिंग संपल्याची घोषणा केली व फाइल वर साइन करून ती पी.एला दिली ....           एवढ्यात इंटरकॉम वरून रिसेप्शनिस्ट बोलली.    "- सर आपल्या करता तीन अर्जंट कॉल....", समीर ने फोन रिसीव केला. चेतन चे तीन रेकॉर्डेड मेसेज होते,   समीर --सावनी  इज  सिरीयस, कम सून. दुसरा होता ----    तिला तुला भेटायचंय.‌‍‌... तिसरा--     बॉम्बे हॉस्पिटलमध्ये ऍडमिट...             सावनी  सिरीयस, समीर ला काही कळेच ना, त्यांनी चेतनला कॉल केला, पण फोन लागत नव्हता.          समीरने  पीए ला बोलवून काही सूचना दिल्या...... प्रीती ला मेसेज करून मुंबईला जात असल्याचे कळवले. ड्रायव्हरला मुंबईला चलायचे सांगून समीर मागे बसला. आज मन इतके अशांत होते कि गाडी चालवणे ही धोक्याचे वाटत होते . गाडी स्टार्ट...

अजेय : योगी आदित्यनाथ के जीवन की अनकही कहानी

"अजेय" 19 सितंबर 2025 को रिलीज़ हुई फिल्म 'अजेय: एन अनटोल्ड स्टोरी ऑफ योगी' का सरल हिंदी भाषा में रिव्यू पढ़ें। जानें कैसी है मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की यह बायोपिक, इसकी कहानी, कलाकारों का अभिनय और क्या आपको यह फिल्म देखनी चाहिए??? "अजेय: एन अनटोल्ड स्टोरी ऑफ योगी": योगी आदित्यनाथ के जीवन की अनकही कहानी ​ मुंबई: हाल ही में 19 सितंबर 2025 को रिलीज़ हुई फिल्म "अजेय: एन अनटोल्ड स्टोरी ऑफ योगी" उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जीवन पर आधारित एक बायोपिक है। यह फिल्म उनके प्रारंभिक जीवन से लेकर एक प्रभावशाली राजनेता बनने तक के सफर को दर्शाती है। फिल्म का निर्देशन रवींद्र गौतम ने किया है और इसमें मुख्य भूमिका में अनंत जोशी ने योगी आदित्यनाथ का किरदार निभाया है। ​यह फिल्म शांतनु गुप्ता की किताब "द मॉन्क हू बिकेम चीफ मिनिस्टर" से प्रेरित है। फिल्म अजय सिंह बिष्ट के साधारण लड़के से योगी आदित्यनाथ बनने की कहानी को पर्दे पर लाती है, जो उत्तराखंड के एक छोटे से गाँव से निकलकर भारत के सबसे बड़े राज्य के मुख्यमंत्री पद तक पहुँचते है। ...

नवरात्रि 2025

नवरात्रि 2025 ​ शारदीय नवरात्रि 2025 के लिए... "Navratri 9 colors, puja vidhi and fasting rules explained with simple tips to celebrate nine days of devotion and spiritual energy." नौ दिनों के ९ रंग: ​ पहला दिन (माँ शैलपुत्री): सफ़ेद ​यह रंग शांति, पवित्रता और सादगी का प्रतीक है। ​ दूसरा दिन (माँ ब्रह्मचारिणी): लाल ​यह रंग साहस, शक्ति, ऊर्जा और प्रेम को दर्शाता है। ​ तीसरा दिन (माँ चंद्रघंटा): रॉयल ब्लू (शाही नीला) ​यह रंग समृद्धि, शांति और स्थिरता का प्रतीक है। ​ चौथा दिन (माँ कूष्मांडा): पीला ​यह रंग खुशी, चमक और ज्ञान का प्रतीक है। ​ पांचवां दिन (माँ स्कंदमाता): हरा ​यह रंग प्रकृति, विकास और उर्वरता को दर्शाता है। ​ छठा दिन (माँ कात्यायनी): ग्रे (स्लेटी) ​यह रंग बुराई को नष्ट करने की शक्ति का प्रतीक है। ​ सातवां दिन (माँ कालरात्रि): नारंगी ​यह रंग ऊर्जा, उत्साह और सकारात्मकता का प्रतीक है। ​ आठवां दिन (माँ महागौरी): मोरपंखी हरा ​यह रंग विशिष्टता, नवीनता और समृद्धि का प्रतीक है। ​ नौवां दिन (माँ सिद्धिदात्री): गुलाबी ​यह रंग प्रे...

दादी माँ ने बताया एसिडिटी का आयुर्वेदिक इलाज

दादी माँ का इलाज Aayurvedik Home Remedies  एसिडिटी Acidity Treatment  हमारे शरीर में तीन दोष हैं वात, पित्त और कफ। इनमें संतुलन रहता है तो शरीर सामान्य स्थिति में रहता है। जब शरीर की जठराग्नि में विकृति आ जाती है तो गैस या एसिडिटी की समस्या पैदा होती है। आयुर्वेद में एसिडिटी की कई स्थितियां हैं। इन्हें समझ लें तो इनका उपचार भी काफी आसान है उध्र्वग अधोग स्थिति:  इसमें य्रूडम और अमाशय के बीच गैस बनती है। इस स्थिति में कफ का अनुबंध होता है, जिसमें मिचली आना, खट्टे डकार, छाती में जलन, भोजन में अरुचि आदि की समस्या महसूस होती है। यह उन लोगों को ज्यादा परेशान करती है, जो दूध से बनी चीजों, मीट-मछली आदि का ज्यादा सेवन करते हैं। ये वर्षा ऋतु है। इस मौसम में नई फसल से बना भोजन खाने से अम्ल की आशंका बढ़ जाती है। इस तरह के रोगी के गले में जलन होती है, वे बेचैन रहते हैं। इन्हें खट्टा डकार होता है। भोजन में अरुचि रहती है, उन्हें चकत्ते हो सकते हैं, बुखार भी हो सकता है। क्या करें: ऐसे लोगों को गिलोय के तने का दो चम्मच रस, आंवले का एक चम्मच रस, दोपहर में कागजी नींबू का शरबत, मिस्री के साथ...

दादी माँ ने बताया " एलर्जी " का आयुर्वेदिक इलाज

एलर्जी का आयुर्वेदिक इलाज ( Allergy ) "एलर्जी" एक आम शब्द, जिसका प्रयोग हम कभी 'किसी ख़ास व्यक्ति से मुझे एलर्जी है' के रूप में करते हैं. ऐसे ही हमारा शरीर भी ख़ास रसायन उद्दीपकों के प्रति अपनी असहज प्रतिक्रया को 'एलर्जी' के रूप में दर्शाता है। बारिश के बाद आयी धूप तो ऐसे रोगियों क़ी स्थिति को और भी दूभर कर देती है. ऐसे लोगों को अक्सर अपने चेहरे पर रूमाल लगाए देखा जा सकता है. क्या करें छींक के मारे बुरा हाल जो हो जाता है। हालांकि एलर्जी के कारणों को जानना कठिन होता है , परन्तु कुछ आयुर्वेदिक उपाय इसे दूर करने में कारगर हो सकते हैं. आप इन्हें अपनाएं और एलर्जी से निजात पाएं । • नीम चढी गिलोय के डंठल को छोटे टुकड़ों में काटकर इसका रस हरिद्रा खंड चूर्ण के साथ 1.5 से तीन ग्राम नियमित प्रयोग पुरानी से पुरानी एलर्जी में रामबाण औषधि है। • गुनगुने निम्बू पानी का प्रातःकाल नियमित प्रयोग शरीर सें विटामिन - सी की मात्रा की पूर्ति कर एलर्जी के कारण होने वाले नजला - जुखाम जैसे लक्षणों को दूर करता है। • अदरख , काली मिर्च , तुलसी के चार पत्ते , लौंग एवं मिश्री को मिलाकर बनाई ...

मराठी माणूस “मागे” का???

मराठी माणूस “मागे” का??? मराठी माणूस “मागे” असण्याची २३ कारणे… आर्थिक सल्लागार मकरंद गाडगीळ यांच्या लेखणीतून… १) कमी प्रवास प्रवास केल्याने जग कळते, कल्पना सुचतात, मार्ग सापडतात व प्रगती होते. मराठी माणूस आर्थिक स्थितीमुळे फारसा प्रवास करताना दिसत नाही, अनेक औद्योगिक प्रदर्शनात मराठी माणूस दिसत नाही. २) अति राजकारण सर्वतजास्त मराठी माणूस राजकारण वेडा आहे. राजकीय नेत्यांच्या सभेला आपला कामधंदा सोडून लाखोंच्या संख्येने येणारा मराठी माणूसच असतो. यात व्यापारी समाजातला एक तरी माणूस दिसतो का? मी काय करतो आहे या पेक्षा लोकांनी काय केले, काय करतात यात जास्त लक्ष. ३) दोनच हात कमावणारे सर्वसाधारण मराठी कुटुंबात एकच व्यक्ती कमवते. कुटुंबातील जास्तीत जास्त लोकांनी काम केले पाहिजे. ४) सर्वांची तोंडे वेगळ्या दिशेला कुटुंबात एकी नसते. बाप एका दिशेला, मोठा मुलगा एका दिशेला तर लहान भाऊ तिसरीकडेच. प्रत्येक कुटूंबात एकी पाहिजे. ५)  खोटं बोल पण रेटून बोल सगळ्या थापा एकमेकांना गंडवण्याच्या गोष्टी, खरे सांगण्यासारखे नसतेच म्हणून खोट बोलावे लागते. मी हे करीन ते करीन या स्वप्नातच आयुष्य संपते, पण मी हे कर...

दादी माँ ने बताया "डायबिटीज" का आयुर्वेदिक इलाज

डायबिटीज का आयुर्वेदिक उपचार डायबिटीज अब उम्र, देश व परिस्थिति की सीमाओं को लांघ चुका है। इसके मरीजों का तेजी से बढ़ता आंकड़ा दुनियाभर में चिंता का विषय बन चुका है। जानते हैं कुछ देशी नुस्खे मधुमेह रोगियों के लिए - नीबू: मधुमेह के मरीज को प्यास अधिक लगती है। अतः बार-बार प्यास लगने की अवस्था में नीबू निचोड़कर पीने से प्यास की अधिकता शांत होती है। खीरा: मधुमेह के मरीजों को भूख से थोड़ा कम तथा हल्का भोजन लेने की सलाह दी जाती है। ऐसे में बार-बार भूख महसूस होती है। इस स्थिति में खीरा खाकर भूख मिटाना चाहिए। गाजर-पालक : इन रोगियों को गाजर-पालक का रस मिलाकर पीना चाहिए। इससे आंखों की कमजोरी दूर होती है। शलजम : मधुमेह के रोगी को तरोई, लौकी, परवल, पालक, पपीता आदि का प्रयोग ज्यादा करना चाहिए। शलजम के प्रयोग से भी रक्त में स्थित शर्करा की मात्रा कम होने लगती है। अतः शलजम की सब्जी, पराठे, सलाद आदि चीजें स्वाद बदल-बदलकर ले सकते हैं। जामुन : मधुमेह के उपचार में जामुन एक पारंपरिक औषधि है। जामुन को मधुमेह के रोगी का ही फल कहा जाए तो अतिश्योक्ति नहीं होगी, क्योंकि इसकी गुठली, छाल, रस और गूदा सभी मधुमेह में ...

“माणुसकी – मनाला स्पर्श करणारी कथा”

माणुसकी ➖➖➖➖➖➖➖➖➖ रात्रीचे नऊ वाजलेले पाहून जफरभाईंनी आपल्या पोराला, आसिफला, हाक दिली… “ओ आसिफ… चल गाडीयां अंदर लगा.” आसिफ मित्रासोबत गप्पा मारत होता. मित्राला _ “चल उद्या सकाळी कॉलेजात भेटू” _ म्हणत त्यानं कटवलं व दुरुस्तीला आलेल्या गाड्या आत दुकानात एका बाजूला एक लावू लागला. बारा बाय दहाच्या दुकानात पाच सहा गाड्या बसवायची कसरत रोज करायला लागायची. पण गिर्‍हाइकाच्या  गाड्या बाहेर ठेवून चालणार नाही, हे त्यालाही ठाऊक होतं. त्यात बारीक पाऊस चालू झाला होता. गाड्या लावून होईपर्यंत जफरभाईंनी सगळं सामान आत ठेऊन दिलं. हात धुतले व पोराकडे पाहिलं… त्यांना बरं वाटलं. _ ‘आपण नशीबवान… पोरगं कॉलेज शिकतंय आणि धंद्यात पण आपल्याला मदत करतंय. नाहीतर आपल्या भावांची पोरं… सगळीजण गॅरेजच्या कामात… पण दहावीच्या पुढे एकपण शिकला नाही.’ _ पाऊस आता वाढला होता. अजून वाढण्याआधी घरी पोहोचणं आवश्यक होतं. दुकानाचं शटर ओढून कुलूप लावून जफरभाई वळणार, तोच एक तरुण जोडपं गाडी ढकलत त्यांच्या दरवाज्याशी आलं. बाइकवर आधीच जाऊन बसलेला आसिफ लगेचच म्हणाला, _ “दुकान बंद हुआ भाई…!” _ जफरभाईंनी आसिफकडे फक्त एक कटाक्ष...

विसर्जन

"विसर्जन'' ➖➖➖➖➖ पहाटेचे पाच वाजले तसें काशिनाथ रावांना जाग आली, ही त्यांची रोजचीच वेळ, आत उठून काय करायचे हा त्याच्या पुढे प्रश्न. बेडरूम मध्ये मुलगा प्रमोद आणि सून प्रणिता नातू आदर्श झोपलेले. काशिनाथराव आणि त्यांची पत्नी हॉलमध्ये, त्यांच्या पत्नीला गुढगे दुखी त्यामुळे ती वर कोचवर आणि खाली चटईवर काशिनाथराव. काशिनाथराव चुळबुळ करत पडून राहिले, त्याना माहित होत, यावेळी आपण उठलो तर सर्वांच्या तोफखण्याला तोंड द्यावे लागेल, त्यापेक्षा गुपचूप पडून राहावे. चहा चा वास आला की हळूच उठावे, कोणी चहा दिला तर गुपचूप घ्यावा. आपली परिस्थितीच तशी आली आहे किंवा घरातील इतरांनी आपली परिस्थिती घरातील झाडू सारखी केली आहे. काशिनाथ रावांनी निश्वास टाकला. पैसे न कमावणाऱ्या म्हाताऱ्या माणसाची परिस्थिती ही अशीच. काशिनाथरावांची पत्नी उठली आणि तिने चहा ठेवला हे त्यांनी ऐकले आणि ते हळूच उठले आणि बाथरूममध्ये गेले, चहा झाल्यावर ती मुलाला आणि सुनेला हाक मारायला त्याच्या बेडरूम जवळ गेली आणि दारावर थापा मारू लागली, हे त्यांनी ऐकले. त्याना वाटले ती आता आपल्याला चहा देईल, या आशेवर ते कोचवर बसून राहिले. तेप...