Skip to main content

They Call Him OG (पवन कल्याण)

🎬 They Call Him OG मूवी रिव्यू


फिल्म का परिचय


They Call Him OG एक एक्शन और गैंगस्टर ड्रामा फिल्म है, जिसका निर्देशन सुजीत ने किया है। फिल्म में पवन कल्याण मुख्य भूमिका में हैं और विलेन के रूप में इमरान हाशमी नजर आते हैं। इनके साथ प्रियंका मोहन, प्रकाश राज और अर्जुन दास जैसे कलाकार भी शामिल हैं।


"पवन कल्याण की दमदार एक्शन फिल्म They Call Him OG, गैंगस्टर ड्रामा, जबरदस्त स्टाइल और फैंस के लिए खास तोहफा है।"



"They Call Him OG movie official poster featuring Pawan Kalyan in action look"



नाम: They Call Him OG


निर्देशक: Sujeeth 


कलाकार: Pawan Kalyan (मुख्य किरदार), Emraan Hashmi (खलनायक), Priyanka Mohan, Prakash Raj, Arjun Das इत्यादी 


समय: लगभग १५४ मिनिटे 


भाषा: तेलुगू (डब और सबटायटल सहित अन्य भाषां में भी प्रसारित किया गया है) 


रिलीज़ डेट: २५ सप्टेंबर २०२५ (भारत और विदेशों में) 


फिल्म की कहानी

फिल्म की कहानी ओजी (OG / Ojas Gambheera) नाम के एक पुराने गैंगस्टर के इर्द-गिर्द घूमती है। दस साल तक गायब रहने के बाद वह मुंबई लौटता है। उसका मकसद है अपने पुराने दुश्मन ओमी भाऊ से हिसाब बराबर करना। इस दौरान उसे धोखे, राजनीति, गैंगवार और निजी जज़्बात का सामना करना पड़ता है।


फिल्म की अच्छी बातें


1. पवन कल्याण की दमदार मौजूदगी: यह फिल्म जैसे उन्हीं के लिए बनाई गई हो, ऐसा महसूस होता है। उनकी स्क्रीन पर मौजूदगी हर सीन को आकर्षक बनाती है।

2. स्टाइल और तकनीकी प्रस्तुति: फिल्म के विज़ुअल्स, एक्शन सीन और सिनेमैटोग्राफी शानदार हैं—हर दृश्य प्रभावशाली लगता है।

3. संगीत / बैकग्राउंड स्कोर: थमन एस का संगीत और बैकग्राउंड स्कोर रोमांचक पलों को और भी असरदार बनाता है।

4. फैन-सर्विस: फिल्म में फैंस के लिए कई “हिट मोमेंट्स” दिए गए हैं — डायलॉग्स, स्टाइल और पावरफुल इमेजेस।

5. बॉक्स ऑफिस शुरुआत: पहले दिन और दूसरे दिन फिल्म ने अच्छी कमाई दर्ज की।



फिल्म की कमियां


1. कहानी सामान्य और परिचित: अंडरवर्ल्ड, बदला और गैंगस्टर प्लॉट पहले भी कई फिल्मों में देखा जा चुका है। नई बात कम है।

2. किरदार विकास की कमी: कुछ सहायक किरदारों को गहराई से नहीं दिखाया गया, उनकी प्रेरणा या संघर्ष अधूरे लगते हैं।

3. भावनात्मक पहलू कमजोर: परिवार, प्रेम और भावनाओं वाले हिस्सों में संवाद और दृश्य उतने प्रभावी नहीं लगते।

4. अत्यधिक हिंसा: CBFC ने कुछ हिंसक दृश्य हटाए, यानी फिल्म में हिंसा ज्यादा दिखाई गई थी।

5. उम्मीदों पर खरा न उतरना: बड़े स्तर की उम्मीदों वाली इस फिल्म में कहानी और ट्विस्ट उतने मजबूत नहीं हैं, जितने दर्शक चाहते थे।



"They Call Him OG movie official poster featuring Pawan Kalyan in action look"


⭐ कौन है पवन कल्याण, आइए जानते है...

पवन कल्याण दक्षिण भारत (तेलुगु सिनेमा) के सुपरस्टार और बड़े राजनीतिक नेता भी हैं।

उन्हें "पावर स्टार" कहा जाता है।

उन्होंने कई हिट फिल्में दी हैं जैसे गब्बर सिंह, वकील साब, अग्निपथी आदि।

वे अपने जबरदस्त डायलॉग डिलीवरी, स्टाइलिश लुक और एक्शन के लिए जाने जाते हैं।

स्क्रीन पर उनकी मौजूदगी ही दर्शकों को थियेटर तक खींच लाती है।


निष्कर्ष

कुल मिलाकर They Call Him OG एक स्टाइलिश एक्शन फिल्म है। अगर आप पवन कल्याण के फैन हैं तो ये फिल्म जरूर पसंद आएगी। मगर अगर आप नई कहानी और गहराई खोज रहे हैं तो थोड़ी निराशा हो सकती है।


रेटिंग: ⭐⭐⭐/5


आप को They Call Him OG का फिल्म का रिव्यू कैसा लगा ये हमे कमेंट कर के जरूर बताइए। आप को अगर ब्लॉग अच्छा लगता हो तो हमे फॉलो कीजिए।


Comments

Popular Posts

दादी माँ ने बताया "भूख बढ़ाने" का नुस्खा।

दादी माँ ने बताया "भूख बढ़ाने" का  नुस्खा। हमारे शरीर की अग्नि खाए गए भोजन को पचाने का काम करती है। यदि यह अग्नि किसी कारण से मंद पड़ जाए तो भोजन ठीक तरह से नही पचता है। भोजन के ठीक से नही पचने के कारण शरीर में कितने ही रोग पैदा हो जाते है। अनियमित खान पान से वायु पित्त और कफ़ दूषित हो जाते है।।जिसकी वजह से भूख लगनी बंद हो जाती है और अजीर्ण अपच वायु विकार तथा पित्त आदि की शिकायतें आने लगती है। Dadi maa ke asardar nuskhe jo bhukh badhate hai, swasthya sudharte hai aur pachan shakti majboot karte hai भूख लगनी बंद हो जाती है, शरीर टूटने लगता है, स्वाद बिगड जाता है। पेट में भारीपन महसूस होने लगता है। पेट खराब होने से दिमाग खराब रहना चालू हो जाता है अथवा समझ लीजिये कि शरीर का पूरा का पूरातंत्र ही खराब हो जाता है। इसके लिये मंन्दाग्नि से हमेशा बचना चाहिए और तकलीफ़ होने पर इन दवाओं का प्रयोग करना चाहिए। भूख नही लगने पर आधा माशा फूला हुआ सुहागा एक कप गुनगुने पानी में दो तीन बार लेने से भूख खुल जाती है। काला नमक चाटने से गैस खारिज होती है, और भूख बढती है। यह नमक पेट को भी साफ़ करता है...

दादी माँ ने बताया "पेट दर्द" का आयुर्वेदिक इलाज

पेट दर्द पेट दर्द" का आयुर्वेदिक इलाज गलत खान पान अथवा अपच के कारण होने वाले पेट दर्द के लिए आयुर्वेद में कुछ नुस्खे बताए गये हैं ! जिनका अगर प्रयोग किया जाए तो पेट दर्द कि परेशानी से बचा जा सकता है ! हालांकि इस तरह के पेट दर्द के लिए आज भी हमारे घरों में आयुर्वेदिक नुस्खे काम में लाये जाते हैं और उनसे आराम भी मिलता है ! ऐसे ही कुछ नुस्खे : - 1 . अदरक और लहसुन को बराबर कि मात्रा में पीसकर एक चम्मच कि मात्रा में पानी के साथ सेवन करने से पेट दर्द में लाभ मिलता है ! 2 . एक ग्राम काला नमक और दो ग्राम अजवायन गर्म पानी के साथ सेवन करने से पेट दर्द में लाभ मिलता है ! 3 . अमरबेल के बीजों को पानी से पीसकर बनाए गये लेप को पेट पर लगाकर कपडे से बाँधने से गैस कि तकलीफ , डकारें आना , अपानवायु न निकलना , पेट दर्द और मरोड़ जैसे कष्ट दूर हो जाते हैं ! 4 . सौंठ , हींग और कालीमिर्च का चूर्ण बराबर कि मात्रा में मिलाकर एक चम्मच कि मात्रा में गर्म पानी के साथ लेने से पेट दर्द में तुरंत आराम मिलता है ! 5 . जटामांसी , सौंठ , आंवला और काला नमक बराबर कि मात्रा में पीस लें और एक एक चम्मच कि मात्रा में तीन ब...

दादी माँ ने बताया "डायबिटीज" का आयुर्वेदिक इलाज

डायबिटीज का आयुर्वेदिक उपचार डायबिटीज अब उम्र, देश व परिस्थिति की सीमाओं को लांघ चुका है। इसके मरीजों का तेजी से बढ़ता आंकड़ा दुनियाभर में चिंता का विषय बन चुका है। जानते हैं कुछ देशी नुस्खे मधुमेह रोगियों के लिए - नीबू: मधुमेह के मरीज को प्यास अधिक लगती है। अतः बार-बार प्यास लगने की अवस्था में नीबू निचोड़कर पीने से प्यास की अधिकता शांत होती है। खीरा: मधुमेह के मरीजों को भूख से थोड़ा कम तथा हल्का भोजन लेने की सलाह दी जाती है। ऐसे में बार-बार भूख महसूस होती है। इस स्थिति में खीरा खाकर भूख मिटाना चाहिए। गाजर-पालक : इन रोगियों को गाजर-पालक का रस मिलाकर पीना चाहिए। इससे आंखों की कमजोरी दूर होती है। शलजम : मधुमेह के रोगी को तरोई, लौकी, परवल, पालक, पपीता आदि का प्रयोग ज्यादा करना चाहिए। शलजम के प्रयोग से भी रक्त में स्थित शर्करा की मात्रा कम होने लगती है। अतः शलजम की सब्जी, पराठे, सलाद आदि चीजें स्वाद बदल-बदलकर ले सकते हैं। जामुन : मधुमेह के उपचार में जामुन एक पारंपरिक औषधि है। जामुन को मधुमेह के रोगी का ही फल कहा जाए तो अतिश्योक्ति नहीं होगी, क्योंकि इसकी गुठली, छाल, रस और गूदा सभी मधुमेह में ...

“माणुसकी – मनाला स्पर्श करणारी कथा”

माणुसकी ➖➖➖➖➖➖➖➖➖ रात्रीचे नऊ वाजलेले पाहून जफरभाईंनी आपल्या पोराला, आसिफला, हाक दिली… “ओ आसिफ… चल गाडीयां अंदर लगा.” आसिफ मित्रासोबत गप्पा मारत होता. मित्राला _ “चल उद्या सकाळी कॉलेजात भेटू” _ म्हणत त्यानं कटवलं व दुरुस्तीला आलेल्या गाड्या आत दुकानात एका बाजूला एक लावू लागला. बारा बाय दहाच्या दुकानात पाच सहा गाड्या बसवायची कसरत रोज करायला लागायची. पण गिर्‍हाइकाच्या  गाड्या बाहेर ठेवून चालणार नाही, हे त्यालाही ठाऊक होतं. त्यात बारीक पाऊस चालू झाला होता. गाड्या लावून होईपर्यंत जफरभाईंनी सगळं सामान आत ठेऊन दिलं. हात धुतले व पोराकडे पाहिलं… त्यांना बरं वाटलं. _ ‘आपण नशीबवान… पोरगं कॉलेज शिकतंय आणि धंद्यात पण आपल्याला मदत करतंय. नाहीतर आपल्या भावांची पोरं… सगळीजण गॅरेजच्या कामात… पण दहावीच्या पुढे एकपण शिकला नाही.’ _ पाऊस आता वाढला होता. अजून वाढण्याआधी घरी पोहोचणं आवश्यक होतं. दुकानाचं शटर ओढून कुलूप लावून जफरभाई वळणार, तोच एक तरुण जोडपं गाडी ढकलत त्यांच्या दरवाज्याशी आलं. बाइकवर आधीच जाऊन बसलेला आसिफ लगेचच म्हणाला, _ “दुकान बंद हुआ भाई…!” _ जफरभाईंनी आसिफकडे फक्त एक कटाक्ष...

हरवलेले सूर

🎵 🎷   हरवलेले सूर ➖➖➖➖   "Sun & Sons" कंपनीच्या सीईओ समीरने आपल्या टीम मेंबर्सना थँक्यू म्हणत मीटिंग संपल्याची घोषणा केली व फाइल वर साइन करून ती पी.एला दिली ....           एवढ्यात इंटरकॉम वरून रिसेप्शनिस्ट बोलली.    "- सर आपल्या करता तीन अर्जंट कॉल....", समीर ने फोन रिसीव केला. चेतन चे तीन रेकॉर्डेड मेसेज होते,   समीर --सावनी  इज  सिरीयस, कम सून. दुसरा होता ----    तिला तुला भेटायचंय.‌‍‌... तिसरा--     बॉम्बे हॉस्पिटलमध्ये ऍडमिट...             सावनी  सिरीयस, समीर ला काही कळेच ना, त्यांनी चेतनला कॉल केला, पण फोन लागत नव्हता.          समीरने  पीए ला बोलवून काही सूचना दिल्या...... प्रीती ला मेसेज करून मुंबईला जात असल्याचे कळवले. ड्रायव्हरला मुंबईला चलायचे सांगून समीर मागे बसला. आज मन इतके अशांत होते कि गाडी चालवणे ही धोक्याचे वाटत होते . गाडी स्टार्ट...

सरप्राईज

सरप्राईज देण्यासाठी गेली पण... ➖➖➖➖➖ आज पहील्यांदा अचानक गावी जावून आईबाबांना आश्चर्यचकीत करणार होते. मला त्यांच्या डोळ्यातून ओसंडणारा आनंद पाहायचा होता. तब्बल चार महीन्यानी मी गावी जात होते. 'माझ्या असानमेंट पूर्ण करायच्या आहेत त्यामुळे मला गावी यायला नाही जमत आहे' असे अण्णांना सांगून मी मोबाईल बंद केला आणि मी माझी बॅग भरायला घेतली. हॉस्टेलमध्ये माझ्यासोबत आमच्याच गावातील सरीता असल्यामुळे मला कधीच आई बाबांना आश्चर्यचकीत करता आले नव्हते. पण कालच सरीता तिच्या मामाच्या गावी गेली होती. त्यामुळे हा प्लान मला आखता आला होता. माझ्या मोबाईलवर सरीताचा कॉल आला तेव्हा नाखुशीनेच मी तो उचलला. "हॅलो, बोल गं" "मी पोचले, तुझा काय प्लान आहे, शनिवार रविवारचा?" असे सरीताने विचारल्यावर मी सावध पवित्रा घेतला. "मी नानेघाटच्या ट्रेकला जातेय, नाईट स्टे आहे" मी ट्रेकला जाते म्हटल्याबरोबर तिने तिचे बोलणे आवरते घेतले. "ठीक आहे, बरं झालं मी मामाकडे निघून आले ते. मस्त आराम करायचा सोडून कसले ते डोंगर चढता कोणास ठाऊक?" असे बोलून तिने कॉल कट केला. पिच्छा सुटला...

अजेय : योगी आदित्यनाथ के जीवन की अनकही कहानी

"अजेय" 19 सितंबर 2025 को रिलीज़ हुई फिल्म 'अजेय: एन अनटोल्ड स्टोरी ऑफ योगी' का सरल हिंदी भाषा में रिव्यू पढ़ें। जानें कैसी है मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की यह बायोपिक, इसकी कहानी, कलाकारों का अभिनय और क्या आपको यह फिल्म देखनी चाहिए??? "अजेय: एन अनटोल्ड स्टोरी ऑफ योगी": योगी आदित्यनाथ के जीवन की अनकही कहानी ​ मुंबई: हाल ही में 19 सितंबर 2025 को रिलीज़ हुई फिल्म "अजेय: एन अनटोल्ड स्टोरी ऑफ योगी" उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जीवन पर आधारित एक बायोपिक है। यह फिल्म उनके प्रारंभिक जीवन से लेकर एक प्रभावशाली राजनेता बनने तक के सफर को दर्शाती है। फिल्म का निर्देशन रवींद्र गौतम ने किया है और इसमें मुख्य भूमिका में अनंत जोशी ने योगी आदित्यनाथ का किरदार निभाया है। ​यह फिल्म शांतनु गुप्ता की किताब "द मॉन्क हू बिकेम चीफ मिनिस्टर" से प्रेरित है। फिल्म अजय सिंह बिष्ट के साधारण लड़के से योगी आदित्यनाथ बनने की कहानी को पर्दे पर लाती है, जो उत्तराखंड के एक छोटे से गाँव से निकलकर भारत के सबसे बड़े राज्य के मुख्यमंत्री पद तक पहुँचते है। ...

नवरात्रि 2025

नवरात्रि 2025 ​ शारदीय नवरात्रि 2025 के लिए... "Navratri 9 colors, puja vidhi and fasting rules explained with simple tips to celebrate nine days of devotion and spiritual energy." नौ दिनों के ९ रंग: ​ पहला दिन (माँ शैलपुत्री): सफ़ेद ​यह रंग शांति, पवित्रता और सादगी का प्रतीक है। ​ दूसरा दिन (माँ ब्रह्मचारिणी): लाल ​यह रंग साहस, शक्ति, ऊर्जा और प्रेम को दर्शाता है। ​ तीसरा दिन (माँ चंद्रघंटा): रॉयल ब्लू (शाही नीला) ​यह रंग समृद्धि, शांति और स्थिरता का प्रतीक है। ​ चौथा दिन (माँ कूष्मांडा): पीला ​यह रंग खुशी, चमक और ज्ञान का प्रतीक है। ​ पांचवां दिन (माँ स्कंदमाता): हरा ​यह रंग प्रकृति, विकास और उर्वरता को दर्शाता है। ​ छठा दिन (माँ कात्यायनी): ग्रे (स्लेटी) ​यह रंग बुराई को नष्ट करने की शक्ति का प्रतीक है। ​ सातवां दिन (माँ कालरात्रि): नारंगी ​यह रंग ऊर्जा, उत्साह और सकारात्मकता का प्रतीक है। ​ आठवां दिन (माँ महागौरी): मोरपंखी हरा ​यह रंग विशिष्टता, नवीनता और समृद्धि का प्रतीक है। ​ नौवां दिन (माँ सिद्धिदात्री): गुलाबी ​यह रंग प्रे...

मीराई - फिल्म (Mirai - Super Yodha)

फिल्म रिव्यू: मिराई (Mirai - Super Yodha) ​तेलुगु अभिनेता तेजा सज्जा की फिल्म 'हनु-मान' की शानदार सफलता के बाद, उनकी अगली फिल्म 'मिराई' 12 सितंबर 2025 को सिनेमाघरों में रिलीज़ हुई। यह एक फैंटेसी-एक्शन एडवेंचर फिल्म है, जो प्राचीन भारतीय इतिहास और भविष्य की तकनीक का एक अनूठा मिश्रण प्रस्तुत करती है। ​ कहानी (Plot) ​फिल्म की कहानी अशोक के नौ रहस्मयी रत्नों (Nine Unknown Men) की प्राचीन कथा पर आधारित है। कहानी वेदा (तेजा सज्जा) के इर्द-गिर्द घूमती है, जो एक साधारण युवक है और अपनी रोजी-रोटी के लिए छोटे-मोटे काम करता है। उसकी जिंदगी तब बदल जाती है जब उसे पता चलता है कि वह एक 'सुपर योद्धा' है और उसका भाग्य प्राचीन ग्रंथों की रक्षा करने से जुड़ा है। ​एक दुष्ट शक्ति, जिसे 'ब्लैक स्वॉर्ड' (The Black Sword) कहा जाता है और जिसका नेतृत्व महावीर लामा (मंचू मनोज) कर रहा है, इन नौ पवित्र ग्रंथों को हासिल करना चाहता है ताकि वह दुनिया पर राज कर सके। वेदा को इन ग्रंथों को बचाने और दुनिया को अंधकार से बचाने के लिए अपनी शक्तियों को अपनाना पड़ता है। इस सफर में एक संन्यास...

मराठी माणूस “मागे” का???

मराठी माणूस “मागे” का??? मराठी माणूस “मागे” असण्याची २३ कारणे… आर्थिक सल्लागार मकरंद गाडगीळ यांच्या लेखणीतून… १) कमी प्रवास प्रवास केल्याने जग कळते, कल्पना सुचतात, मार्ग सापडतात व प्रगती होते. मराठी माणूस आर्थिक स्थितीमुळे फारसा प्रवास करताना दिसत नाही, अनेक औद्योगिक प्रदर्शनात मराठी माणूस दिसत नाही. २) अति राजकारण सर्वतजास्त मराठी माणूस राजकारण वेडा आहे. राजकीय नेत्यांच्या सभेला आपला कामधंदा सोडून लाखोंच्या संख्येने येणारा मराठी माणूसच असतो. यात व्यापारी समाजातला एक तरी माणूस दिसतो का? मी काय करतो आहे या पेक्षा लोकांनी काय केले, काय करतात यात जास्त लक्ष. ३) दोनच हात कमावणारे सर्वसाधारण मराठी कुटुंबात एकच व्यक्ती कमवते. कुटुंबातील जास्तीत जास्त लोकांनी काम केले पाहिजे. ४) सर्वांची तोंडे वेगळ्या दिशेला कुटुंबात एकी नसते. बाप एका दिशेला, मोठा मुलगा एका दिशेला तर लहान भाऊ तिसरीकडेच. प्रत्येक कुटूंबात एकी पाहिजे. ५)  खोटं बोल पण रेटून बोल सगळ्या थापा एकमेकांना गंडवण्याच्या गोष्टी, खरे सांगण्यासारखे नसतेच म्हणून खोट बोलावे लागते. मी हे करीन ते करीन या स्वप्नातच आयुष्य संपते, पण मी हे कर...